वित्त मंत्रालय ने संसद में स्पष्ट किया है कि 8th Pay Commission वेतन के साथ-साथ पेंशन पर भी सिफारिश करेगा, लेकिन DA/DR को बेसिक पे में मर्ज करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। ToR और टाइमलाइन क्या है, यहाँ जानें।
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🔴 1. सरकार का नया आधिकारिक बयान – क्या है पक्का?
राज्यसभा/लोकसभा में पूछे गए सवालों के जवाब में वित्त मंत्रालय ने दो बड़ी बातें साफ़ की हैं:
1. 8वां वेतन आयोग वेतन के साथ-साथ पेंशन और भत्तों (Allowances) पर भी सिफ़ारिश करेगा।
– मंत्रालय ने कहा कि 8th CPC का काम पहले के वेतन आयोगों की तरह ही pay, allowances और pension तीनों की समीक्षा करना होगा।
2. Dearness Allowance (DA) / Dearness Relief (DR) को अभी बेसिक पे या बेसिक पेंशन में मर्ज करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
– संसद में लिखित उत्तर में स्पष्ट कहा गया:
> “No proposal regarding merger of the existing Dearness Allowance with the Basic Pay is under consideration with the Government at present.”
इससे दो संदेश मिलते हैं —
✔️ पेंशनर्स को राहत मिली कि वे 8th CPC से बाहर नहीं हैं।
❌ लेकिन DA/DR-मर्ज की उम्मीद फिलहाल टल गई है।
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📜 2. 8th CPC की आधिकारिक स्थिति – नोटिफिकेशन और ToR
केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें वेतन आयोग के गठन और उसके Terms of Reference (ToR) की अधिसूचना जारी कर दी है।
इससे पहले 28 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) ने ToR को मंजूरी दी थी।
ToR के अनुसार –
आयोग वेतन, भत्तों और पेंशन की समीक्षा करेगा।
आयोग को अपनी रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है; ज़रूरत पड़ने पर इंटरिम रिपोर्ट भी दे सकता है।
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📆 3. सैलरी-पेंशन बढ़ोतरी कब तक संभव?
आर्थिक टाइम्स व अन्य रिपोर्टों के अनुसार अनुमानित टाइमलाइन कुछ इस तरह दिखती है:
1. रिपोर्ट तैयार होने की समय-सीमा:
– आयोग के पास 18 महीने तक का समय है।
2. रिपोर्ट पर मंत्रिमंडलीय विचार:
– रिपोर्ट आने के बाद एक समूह मंत्रियों (GoM) द्वारा अध्ययन, फिर कैबिनेट की मंजूरी — इसमें कुछ महीने और लग सकते हैं।
3. संभव लागू तिथि:
– अधिकांश विश्लेषण मानते हैं कि 8th CPC की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जा सकती हैं, पर वास्तविक भुगतान और एरियर में 2026–27 तक समय लग सकता है।
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💰 4. DA/DR-मर्ज न होने का क्या असर?
क्या नहीं होगा अभी:
58% तक पहुँच चुका DA/DR फिलहाल Basic Pay में नहीं जुड़ रहा।
इसका मतलब है कि –
आपका बेसिक पे वही रहेगा,
DA/DR हर 6 महीने CPI-IW के आधार पर बढ़ता-घटता रहेगा,
HRA, NPA, अन्य Allowances की गणना वर्तमान तरीके से ही होगी।
अगर भविष्य में मर्ज होता (सिर्फ समझने के लिए):
बेसिक पे बढ़ जाता,
पेंशन, ग्रेच्युटी, NPS योगदान, और लेवल-आधारित कई भत्तों में स्वतः वृद्धि हो जाती।
लेकिन सरकार ने साफ कर दिया है कि अभी ऐसा कोई फैसला नहीं लिया जा रहा, और यह विषय 8th CPC की सामान्य सिफारिशों के दायरे में ही आगे देखा जाएगा।
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👴 5. पेंशनर्स के लिए क्या उम्मीद करनी चाहिए?
अच्छी खबर:
सरकार ने औपचारिक रूप से माना है कि 8th CPC pension revision पर भी सिफारिश देगा — यानी
पुराने पेंशनर्स,
परिवार पेंशनर्स,
और संभावित रूप से OPS/NPS विवाद से प्रभावित वर्ग,
सभी की पेंशन प्रणाली पर समीक्षा होगी।
ध्यान रखने योग्य बातें:
पेंशन तुरंत नहीं बढ़ेगी — पहले आयोग रिपोर्ट देगा, फिर सरकार लागू करेगी।
पेंशन-फॉर्मूला, minimum pension, DR नियम आदि में बदलाव एक साथ आ सकते हैं।
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📊 6. संक्षेप में – कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए संदेश
1. 8th CPC अब पूरी तरह आधिकारिक है — ToR मंज़ूर, अधिसूचना जारी।
2. पेंशन संशोधन शामिल है — 69+ लाख पेंशनर्स के लिए राहत।
3. DA/DR-मर्ज अभी नहीं — अफ़वाहों से बचें, केवल सरकारी बयान पर भरोसा करें।
4. वास्तविक सैलरी-पेंशन बढ़ोतरी — रिपोर्ट व सरकार के फैसलों के बाद ही, संभवतः 2026–27 के दौरान।
