केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 8th CPC का ToR स्वीकृत किया है, लेकिन पेंशनर्स व Dearness Allowance/DR मर्जिंग पर उठते विवादों के बीच कर्मचारियों-पेंशनर्स की चिंता कायम है।
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✅ क्या हुआ है नया — आज का अपडेट
सरकार ने 8वें वेतन आयोग के Terms of Reference (ToR) को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय के साथ आयोग की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से प्रारंभ हो चुकी है।
आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। यानी, यदि समय पर रिपोर्ट तैयार होती है, तो 2026–2027 के पहले भाग में या उसके आसपास सिफारिशें आ सकती हैं।
लेकिन, ToR में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अस्पष्टता बनी हुई है — विशेष रूप से पेंशनर्स (65+ लाख सेवानिवृत्त कर्मचारी), DA/DR मर्जिंग, OPS/NPS पुनरावलोकन आदि मुद्दों को लेकर।
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📌 कर्मचारी-पेंशनर्स की प्रमुख चिंताएं
कई यूनियनों और पेंशनर्स संगठन (जैसे National Council (JCM) Staff Side) का कहना है कि यदि ToR में पेंशन रिवीजन और पेंशनर्स को शामिल नहीं किया गया, तो लगभग 69 लाख पेंशनर्स व पारिवारिक पेंशनधारकों को 8वें वेतन आयोग का लाभ नहीं मिलेगा।
Dearness Allowance / Dearness Relief (DA/DR) को Basic Pay में मर्ज़ किए जाने की मांग जोर पकड़ रही है। क्योंकि 7वें CPC के बाद महंगाई भत्ते ने कर्मचारियों की क्रय शक्ति को पर्याप्त नहीं बचाया।
पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme – OPS) के तहत पेंशनर्स को समान पेंशन अधिकार देने और पेंशन विसंगतियों को दूर करने की मांग की जा रही है।
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💡 8th CPC — क्या हो सकते हैं संभावित परिणाम?
संभव बदलाव प्रभाव
बेहतर Fitment Factor व वेतन वृद्धि बेसिक और कुल सैलरी में सुधार — युवाओं व नये कर्मचारियों को फायदा
पेंशनर्स व OPS लाभार्थियों की शामिल रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन व भत्ते सुरक्षित होंगे
DA/DR मर्ज या सुधार महंगाई भत्ता, Dearness Relief आदि वास्तविक महंगाई के अनुरूप बढ़ सकते हैं
Allowances व भत्तों की समीक्षा HRA, TA, अन्य भत्तों में सुधार — सभी कर्मचारी लाभान्वित होंगे
अगर सभी मांगें मानी जाती हैं — तो यह बदलाव करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों व पेंशनर्स के लिए आर्थिक रूप से बहुत लाभदायक साबित हो सकते हैं।
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📢 क्या अभी हो सकता है राहत?
कुछ रिपोर्ट्स बता रही हैं कि सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में 1 दिसंबर 2025 से 8th CPC से जुड़े सवालों पर चर्चा कर सकती है — जिसमें DA/DR, पेंशन सुधार व अन्य मुद्दों पर स्पष्टता दी जा सकती है।
लेकिन ध्यान रखें — फाइनल सिफारिशें तैयार होने में 12–18 महीने लग सकते हैं। इस बीच तत्काल राहत की संभावना सीमित है।
