8th Pay Commission: आज 11 जनवरी 2026 की ताज़ा स्थिति
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आज का दिन काफी महत्वपूर्ण है। 7वें वेतन आयोग की 10 साल की अवधि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुकी है, जिसके बाद अब देशभर की नज़रें 8वें वेतन आयोग (8th CPC) के आधिकारिक नोटिफिकेशन पर टिकी हैं। आज की ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार, वित्त मंत्रालय के भीतर नए वेतन ढांचे (Pay Structure) को लेकर प्रारंभिक चर्चा शुरू हो गई है।
क्या 60% DA होगा बेसिक सैलरी में मर्ज?
जैसा कि हम जानते हैं, जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता (DA) 60% के आंकड़े पर पहुंच गया है। कर्मचारी यूनियनों की आज की प्रमुख मांग यह है कि इस 60% DA को शून्य (Zero) कर दिया जाए और इसे कर्मचारियों की मूल सैलरी (Basic Pay) में जोड़ दिया जाए। यदि ऐसा होता है, तो कर्मचारियों की सैलरी का पूरा गणित बदल जाएगा और टेक-होम सैलरी में भारी इजाफा होगा।
फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) पर सबसे बड़ी अपडेट
8वें वेतन आयोग में सबसे अधिक चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। आज की सुगबुगाहट के अनुसार:
- कर्मचारी संगठनों की मांग: फिटमेंट फैक्टर को 3.68 रखा जाए।
- संभावित सरकारी प्रस्ताव: सूत्र बताते हैं कि सरकार इसे 2.81 से 3.00 के बीच रख सकती है।
- असर: यदि फिटमेंट फैक्टर 3.68 होता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी जो अभी ₹18,000 है, वह बढ़कर सीधे ₹26,000 के पार पहुंच सकती है।
वेतन आयोग के गठन में देरी का क्या होगा असर?
भले ही सरकार ने अभी तक आयोग के अध्यक्ष के नाम की घोषणा नहीं की है, लेकिन नियमों के मुताबिक, 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी मानी जाएंगी। इसका मतलब है कि जब भी नया वेतन आयोग लागू होगा, कर्मचारियों को पिछली तारीख से एरियर (Arrears) का भुगतान किया जाएगा।
सैलरी में संभावित उछाल: एक नज़र
9 जनवरी और 10 जनवरी की बैठकों के बाद यह संकेत मिले हैं कि लेवल-1 से लेवल-5 तक के कर्मचारियों के वेतन में सबसे अधिक प्रतिशत वृद्धि देखने को मिल सकती है। इसके साथ ही पेंशनभोगियों के लिए भी नया ‘पेंशन मैट्रिक्स’ तैयार करने पर काम चल रहा है।
अगला कदम क्या होगा?
उम्मीद जताई जा रही है कि बजट सत्र 2026 के दौरान सरकार 8वें वेतन आयोग के रोडमैप को लेकर संसद में आधिकारिक बयान दे सकती है। तब तक कर्मचारियों को वर्तमान 60% DA के साथ ही वेतन का लाभ मिलता रहेगा।
