8वें वेतन आयोग में ToR संशोधन की मांग तेज़—कर्मचारियों-पेंशनर्स का दबाव बढ़ा

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स ने 8वें वेतन आयोग (8th CPC) के Terms of Reference में संशोधन की मांग की है। ToR में पेंशनर्स की कमी, इंटरिम रिलीफ़ व पुरानी पेंशन योजना शामिल किए जाने की अपील।




📢 क्या नया सामने आया है?

बड़ी खबर यह है कि National Council (JCM) Staff Side (NC-JCM) ने प्रधानमंत्री Narendra Modi तथा वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman को पत्र लिखकर 8वें वेतन आयोग के Terms of Reference (ToR) में महत्वपूर्ण संशोधन की मांग की है।

मांगों में शामिल हैं:

लगभग 69 लाख पेंशनर्स व पारिवारिक पेंशनधारकों को आयोग में शामिल करना।

पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने का प्रस्ताव।

ToR में “अनफ़ंडेड कॉस्ट” (unfunded cost) जैसे शब्द हटाने की मांग।

आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू हों—इस तारीख को ToR में स्पष्ट अंकित किया जाए।





🔍 इसका मतलब कर्मचारियों व पेंशनर्स के लिए

यदि पेंशनर्स को आयोग में शामिल कर लिया गया, तो वेतन-भत्ता व पेंशन दोनों में सुधार की दिशा बढ़ सकती है।

OPS के पुनर्स्थापन से देर से भर्ती कर्मचारियों को भी बेहतर पेंशन सुविधा मिल सकती है।

ToR में स्पष्ट तारीख लागूकरण होने से कर्मचारियों के बीच भविष्य की अनिश्चितता कम होगी।

लेकिन सरकार पर वित्तीय बोझ और राज्यों के खर्च का दबाव भी बढ़ेगा; इसके कारण निर्णय देर से हो सकते हैं।

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