केंद्र सरकार ने CGHS के तहत लगभग 2,000 चिकित्सा पैकेजों की दरें संशोधित की हैं। कैशलेस सुविधा, अस्पताल-श्रेणी आधारित दरें और पेंशनर्स-कॉवरेज का विस्तार भी शामिल है। जानिए क्या बदल रहा है।
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📢 CGHS में क्या-क्या बड़े बदलाव आए हैं?
स्वास्थ्य मंत्रालय ने CGHS (Central Government Health Scheme) के तहत लगभग 2,000 चिकित्सा पैकेजों की दरें (package rates) संशोधित कर दी हैं, जो केंद्रीय कर्मचारियों व पेंशनर्स को अधिक सुविधा और समर्थन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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🧾 कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए प्रमुख सुधार
अब अस्पतालों को दरें शहर की श्रेणी (Tier-I/Tier-II/Tier-III), हॉस्पिटल की मान्यता (NABH/NON-NABH) व वॉर्ड श्रेणी के आधार पर तय की जाएँगी।
Tier-II शहरों की दरें Tier-I से लगभग 19% कम होंगी।
Tier-III शहरों की दरें लगभग 20% कम होंगी।
Non-NABH अस्पतालों की दरें NABH अस्पतालों से 15% कम होंगी।
कैशलेस सुविधा में सुधार: अस्पतालों के लिए नई दरें और डिजिटल बिलिंग प्लेटफॉर्म का विस्तार हुआ है, जिससे कर्मचारियों-पेंशनर्स को अग्रिम खर्च करने की चिंता कम होगी।
पेंशनर्स-यूनिट और कर्मचारियों के परिवारों को आवेदन प्रक्रिया एवं अस्पताल चयन में अधिक पारदर्शिता मिलेगी।
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📅 लागू होने की स्थिति
ये सुधार पहले से ही लागू हो गए हैं: दर संशोधन 13 अक्टूबर 2025 से प्रभावी है।
कर्मचारी और पेंशनर्स को सुझाव है कि वे अपने CGHS कार्ड, मोबाइल नंबर व अन्य प्रोफाइल जानकारी अद्यतन रखें ताकि राहत को जल्दी लाभ मिल सके।
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🧠 इन सुधारों का मतलब आपके लिए क्या है?
बेहतर सुविधा: अधिक अस्पताल – विशेष रूप से निजी एवं सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल – अब CGHS नेटवर्क में बेहतर दरों पर शामिल हो सकते हैं।
कम खर्च: श्रेणी-अनुसार दरों के कारण इलाज का बोझ कम होगा।
तेज प्रोसेस: डिजिटल प्लेटफॉर्म के कारण रिफंड और अप्रूवल प्रक्रिया सुगम होगी।
उच्च विश्वसनीयता: कर्मचारियों-पेंशनर्स को राहत और भरोसा मिलेगा कि CGHS अब प्रणालीगत रूप से मजबूत हो रहा है।
